विरह वेदना
प्यार के असरा मन में जगाके कहां जालs ए बलमा पिरितिया लगाके कहले रहल तु हमसे ना जाने कवन-कवन बतिया कईले रहल..........हो कि दिहले रहल तु प्यार के वचनिया का भईल तोहरो उ सभ किरिया लिहले रहलs जवन तु हमरा साथे साथ निभईबs तु सात जनम तक कहले रहलs चूमके माथा काहे भूली गईलs जाके सहरीया मे हमके जिया में उठेला लहरिया हमरो की राजा हो आजईतS एक बेरिया तोहरा के बसा लितीं हम नयना के भीतरिया हो की कहां जालs ए बलमा लगाके पिरितिया