हमार भाषा भोजपुरी

दुल्हिन के हाथ के चूड़ी ह,त भोज में के पूड़ी ह
सभ भाषा से मीठ, हमार भाषा भोजपुरी ह
एहिमे मिली रउवा सोहर,चउमासा
त चइता कजरी आ होरी गीत
इहंई बा छठ तेरस आ शिवरात्रि
संस्कृत के बेटी त हिंदी के बहिनी ह
हमार भाषा भोजपुरी, त कहीं काहे ए सरकार
बनवले बानी एके मजबूरी, काहे नइखीं देत एकर हक़ एके
जवन बा जरूरी,  अरे अब त आपन अंघी के तुरीं
आ बनायीं भोजपुरी के भी भाषा जरूरी
इहे निहोरा बा रउरा से आज हमनी सभ के
प्यार से मांगत तानी जा आज हक़ आपन
देदेब त होई राउरि जय जयकारी
नाही त खाएब रउवो मुँहे हमनी के पगधूरी
कहे ठेठबिहारी सुनी ऐ सभी नेता लोग
भोजपुरी के कहानी जवन बा बहुते बुरी
जवन माटी दिहलस बड़का बड़का नेता आ मंत्री
जहाँ भईले अफसर से ले के संत्री, जहाँ के बाड़े गृहमंत्री आ प्रधानमंत्री

उहे भाषा आज भईल बा मजबूर, काहे नईखे लेत केहु सुधि एकर

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साकी

हंऽ हम भाषा भोजपुरी हईं

रात कईसे कटल नइखे कुछऊ पता