भोजपुरी शायरी-2
5. हम ना जनले रहनी कि प्यार में का होला, जिनगी से बढके जेकरा के चाहल जाला उ केहु आऊरे के दिवाना निकलेला, त जान के भी जिनगी के जे जुआ खेलेला ओकरे के पक्का आशिक ई ठेठ बिहारी बुझेला। 6. दु डेग तु बढावs दु डेग हम बढाहीं, दुगो मिठ बचनवा तु कह, दुगो हम कहीं, नैना से नैना के मिला के, हियरा से हियरा के जोड तन में बसालs ठेठ बिहारी के प्राण नियर, तब देखअ दुनिया के प्यार के नज़रिया से ई कइसन तोहरा सोहाई........... 7. जब से चढल फगुनवा, तन में लागे आगी आ मन करे सजनीया के लगे जांईं भागी, बाकिर ठेठ बिहारी अइसन कहां हमरी भाग कि लेके राखीं प्रेयसी के दिनु-राती अपना लागी।।