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खुलल पोल

खुल गइल पोल खुल गइल पोल अरे सब सरकारी दावा के, खुल गइल पोल, देश के मुखिया लोग के कगला के देर ना भइल की थोडके देर में भइल धमाकन से फेरू खुल गइल पोल एक ओर प्रधानमंत्री कहस कि सुरक्षा व्यवस्था बाटे देश के चाक-चौबंद। त तुरतले होला धमाका पांचसात गो धमाकन से सरकार के खुलेला पोल अइसे जइसे फाटेला कौनो ढोल़क के खोल तएतने पर कहस कवि ठेठ बिहारी कि खुल गइल पोल