जिअs जिअs ऐ जवान

अब राम जी रहेलन पलानी में,
जीय-जीय हो जवान,
बनी पलंग के पहलवान,
आग लागो तोहरी अइसन जवानी में।।
दिन भर दारु-ताडी पियस,
सांझी के जा के लुकास चुहानी में,
जीय-जीय हो जवान,
आग लागो तोहरी अइसन जवानी में।।
कहीं माई-बाप पुकारे, कहीं बहिनी करे पुकार
बाकिर मेहरी आगे सुनाय
ना तोहरा केहु के बानी,
ना जाने कहीया जागी तोहरो जवानी
कह कब ले रखबs आपन ,
तलवार लुका के मयानी में
जीय-जीय हो जवान,
आग लागो तोहरी अइसन जवानी में।।
अपने त रहेलs महल-अटारी में
काहे रखले बाड़s राम जी के अबले पलानी में,
कर के देशवा खातिर कुछ बलिदान लिखवालs
तुंहु आपन नाम अमर कहानी में
जीय-जीय हो जवान,
आग लागो तोहरी अइसन जवानी में।।
कहस ठेठबिहारी बीर रस सुने के 
तरसे कान सभकर, आ तु 
काहे फंसी गईल बाड़s तिरिया के बानी में,
जीय-जीय हो जवान,
आग लागो तोहरी अइसन जवानी में।।

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