अब कविता ना काथा लिखाई

*अब कविता ना काथा लिखाई*

सेजिया के बतिया ना,
देहिया के बाथा लिखाई
अब चिठ्ठी पतरी ना
सऊंसे पोथा लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।1।

चहकत मैना ना
ढरकत नैना लिखाई
हाथे छलकत पैमाना ना
हरवाही के पैना लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।2।

माथ के झोंटा ना
हाथ के सोंटा लिखाई
तिरिया पातर ना
पिया मोटा लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।3।

दूबर के रोवां ना
जबर के चाम नोचाई
जुलुमी आंख जब देखाई
ना केहू अब डेराई
अब कविता ना काथा लिखाई ।4।

मम्मी-डैडी ना
बाबू माई लिखाई
यो ब्रो ना, हं भाई लिखाई
ब्रदर आ सिस्टर इन लॉ ना
देवर भउजाई लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।5।

नैना के नीर ना
आत्मा के पीर लिखाई
खुलल आसमान ना
बान्हल जंजीर लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।6।

तन के उघारत ना
मन के ढांपत चीर लिखाई
हहकारत समुंदर ना
गंगा जी के नीर लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।7।

बूरूस झाड़ू ना
खरहेरा कुचिया लिखाई
बाबा बेबी ना
बबुआ बुचिया लिखाई
उछलत टोपीया ना
सरियावत पगरिया लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।8।

नरमी कलाई ना
कुटनी पिसाई लिखाई
रहो ना  बेमारी केहू
अइसन दवाई लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।9।

कोठा अटारी ना
मड़ई पलानी लिखाई
बालकोनी गैलरी ना
ओसारा लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।10।

देश परदेस ना
गंउवा जवार लिखाई
पढ़ल शहरी ना
अनपढ़ ठेठबिहारी लिखाई
टोफी आ चाकलेट ना
लकठो मिठाई लिखाई
अब कविता ना काथा लिखाई ।11।
राम प्रकाश तिवारी 'ठेठबिहारी'

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