हर धड़कन पर नाम लिखनी
अपना हर धड़कन पर नाम उनकर लिख लिहनी;
अइसन करत ना जननी कि हम कुछ गलत कइनी;
ऊ साथ निभावे के वादा कऽ के हमसे बदल गइले;
बेवफाई से ऊ अपना, हमरा के कुछ सबक दे गइले;
साँझ सवेरे रोज जेकरा नामे हम आपन करत रहनी;
ऊ आज केहू आउर के संगे बाँचत बाड़े प्रेम कहानी;
उनकरा इयाद में अँखिया आजो रहता हमार भींजल:
रह-रह लउकता उनकर ऊ मने-मने हमरा पर हँसल;
कहाँ गइल ऊ बंद मुँह से अँखिया से सभ बात कहल;
काहे मेंटल ऊ प्यार जवन हमनी में भइल कबो रहल;
आदत तहार बा रिश्ता बना के नाता सभका से तुड़ल;
आदत हमार बा नाता नेह के अपना दुश्मनो से जोड़ल;
रहिया आजो निहारता अँखिया उनकरा लवटि आवे के;
बाकी इरादा बुझाता उनकर अबहीं हमरा के तड़पावे के।
राम प्रकाश तिवारी "ठेठबिहारी"
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