आवऽ इंसान बनल जाओ
*एगो प्रयास कइले बानी, शायद रउआ सभे के पसन पड़ी। धर्म सूचक शब्दन के प्रयोग केवल भावना संप्रेषण खातिर बा केहू के भावना के ठेस पहुंचावे खातिर ना।*
हम हिन्दू हईं, आ तूं मुसलमान
बाकिर हईं हमनी पहिले इंसान
हमरा हिन्दू भइला पर बा गुमान
तोहरा बा गुमान बन मुसलमान
आज तोहार खुदा तहरा से नाराज़
बाड़े हमरो भगवान हमरा से नाराज़
कबो कइले होखबऽ गुनाह तुंहु
कबो कइले पाप होखेब हमहूं
इंसान हो इंसानियत के भूले के खता
मालिक दे रहल बाड़े हमनी के सजा
ना मंदिर में बोला रहल बाड़े भगवान
ना मस्जिद से आवता खुदा के अजान
खता हमरो त ओतने ही होई
गलती तहरो त ओतने ही होई
इंसान हईं त इंसान बनल जाए
इंसानियत के धर्म के अपनावल जाए
बिगड़ रहल बा जवन सदभाव
आवऽ समय रहते संभालल जाव
हम चाहे ईश्वर कहीं
तूं चाहे अल्लाह कहऽ
रूप आ नांव बा अनेक
हकीकत में बाड़े ऊ एक
छोड़कर हिन्दू मुसलमान
मिलकर चल आवऽ हमनी
बनीं एक आ बनीं नेक
बनी सभे भारतीय प्रत्येक
अब हम अपना भगवान के मनाईं
तूं अपना खुदा के गोहरावऽ भाई
एह विपत से अब दीं उबार
हे ईश्वर-अल्लाह करीं हमनी पुकार
दीं मौका हमरा के एक बार
बनीं इंसान हम हरेक बार
हम हिन्दू हईं, आ तूं मुसलमान
बाकिर हईं हमनी पहिले इंसान
हमरा हिन्दू भइला पर बा गुमान
तोहरा बा गुमान बन मुसलमान
आज तोहार खुदा तहरा से नाराज़
बाड़े हमरो भगवान हमरा से नाराज़
कबो कइले होखबऽ गुनाह तुंहु
कबो कइले पाप होखेब हमहूं
इंसान हो इंसानियत के भूले के खता
मालिक दे रहल बाड़े हमनी के सजा
ना मंदिर में बोला रहल बाड़े भगवान
ना मस्जिद से आवता खुदा के अजान
खता हमरो त ओतने ही होई
गलती तहरो त ओतने ही होई
इंसान हईं त इंसान बनल जाए
इंसानियत के धर्म के अपनावल जाए
बिगड़ रहल बा जवन सदभाव
आवऽ समय रहते संभालल जाव
हम चाहे ईश्वर कहीं
तूं चाहे अल्लाह कहऽ
रूप आ नांव बा अनेक
हकीकत में बाड़े ऊ एक
छोड़कर हिन्दू मुसलमान
मिलकर चल आवऽ हमनी
बनीं एक आ बनीं नेक
बनी सभे भारतीय प्रत्येक
अब हम अपना भगवान के मनाईं
तूं अपना खुदा के गोहरावऽ भाई
एह विपत से अब दीं उबार
हे ईश्वर-अल्लाह करीं हमनी पुकार
दीं मौका हमरा के एक बार
बनीं इंसान हम हरेक बार
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