बस अतना कs दs ए जिनगी

बस अतना कs दs ए जिनगी
हरदम हंसत मुसकात रहे,
दुखवा के कवनो ना बात रहे,
खुशहाली के हरमेशा मिलत सौगात रहे,
चिंता-फिक़िर से ना कवनो मुलाकात रहे,
ए जिनगी तु बस अतना कs दs
त कहs का बात रहे।

जबो केहु से मिले त हंसत-हंसावत रहे,
हंसत खेलत हरदम इ गात रहे,
चाह के भी ना केहु बिलगा सके,
अइसन कुछ नात रहे,
ए जिनगी तु बस अतना कs दs
त कहs का बात रहे।

चाहे हो फज़िरे चाहे रात रहे,
सुतलो जगले हरमेशा जिंदा जज्बात रहे,
हरदम हमरो माईभाखा अहवात रहे,
लिखी के कहस ठेठबिहारी
जवन उनकी मनके बात रहे
ए जिनगी तु बस अतना कs दs
त कहs का बात रहे।


-----राम प्रकाश तिवारी "ठेठबिहारी"

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