यूपी को ये साथ पसंद है।

यूपी को ये साथ पसंद है। 
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
क्योंकि नौटंकी में इसका कोई सानी नहीं है।
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
क्योंकि पप्पू और बबूआ सा नादान कहीं और नहीं है
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
क्योंकि चोरी-चकारी सीनाजोरी में 
बहन-बेटीयों की इज्जत की रखवारी ही इनसे जरूरी है
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
फटा कुर्ता और पंचर साईकिल वाले 
जोकर इनसा कोई और नहीं है
हाथ का साथ गरीबों की जेब साफ
और भाई-भतिजों के सारे गुनाह माफ 
इनसा परिवारवाद व भाई-भतिजावाद कहीं और नहीं है।
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
कुर्सी को बचाने में सब कुछ झोंकना 
लोभ-प्रलोभन, और तुष्टिकरन करने वाला इनसा कोई और नहीं है 
इसिलये यूपी को ये साथ पसंद है 
भाई हमको तो नमो की चाय पसंद है
थोडी कड़वी थोड़ी मीठी चाय है
प्रदेश को बचाने और आगे बढाने को 
अब सब एक राय हैं
गुंडाराज भ्रष्टाचार और भाई-भतिजावाद की सरकार हटाना है। 
हां यूपी को ये साथ पसंद है,
क्योंकि इस को लखनऊ नहीं 
मुम्बई ही भेजना है
तो कहे ठेठबिहारी अब की है 
भाजपा की बारी
मोदी और शाह की जोड़ी पसंद है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

साकी

हंऽ हम भाषा भोजपुरी हईं

रात कईसे कटल नइखे कुछऊ पता