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विरह वेदना

प्यार के असरा मन में जगाके कहां जालs  ए बलमा पिरितिया लगाके कहले रहल तु हमसे ना जाने कवन-कवन बतिया कईले रहल..........हो कि दिहले रहल तु प्यार के वचनिया का भईल तोहरो उ सभ किरिया लिहले रहलs जवन तु हमरा साथे साथ निभईबs तु सात जनम तक कहले रहलs चूमके माथा  काहे भूली गईलs जाके सहरीया मे हमके जिया में उठेला लहरिया हमरो की राजा हो आजईतS एक बेरिया तोहरा के बसा लितीं हम नयना के भीतरिया हो की कहां जालs ए बलमा लगाके पिरितिया

हमार भाषा भोजपुरी

दुल्हिन के हाथ के चूड़ी ह,त भोज में के पूड़ी ह सभ भाषा से मीठ, हमार भाषा भोजपुरी ह एहिमे मिली रउवा सोहर , चउमासा त चइता कजरी आ होरी गीत इहंई बा छठ तेरस आ शिवरात्रि संस्कृत के बेटी त हिंदी के बहिनी ह हमार भाषा भोजपुरी , त कहीं काहे ए सरकार बनवले बानी एके मजबूरी, काहे नइखीं देत एकर हक़ एके जवन बा जरूरी ,   अरे अब त आपन अंघी के तुरीं आ बनायीं भोजपुरी के भी भाषा जरूरी इहे निहोरा बा रउरा से आज हमनी सभ के प्यार से मांगत तानी जा आज हक़ आपन देदेब त होई राउरि जय जयकारी नाही त खाएब रउवो मुँहे हमनी के पगधूरी कहे ठेठबिहारी सुनी ऐ सभी नेता लोग भोजपुरी के कहानी जवन बा बहुते बुरी जवन माटी दिहलस बड़का बड़का नेता आ मंत्री जहाँ भईले अफसर से ले के संत्री, जहाँ के बाड़े गृहमंत्री आ प्रधानमंत्री उहे भाषा आज भईल बा मजबूर, काहे नईखे लेत केहु सुधि एकर