चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी" href="http://www.chitthajagat.in/?claim=s361zdsg6xwu">नेता के पहाड़ा

सभ के हमार प्रणाम। आज हम रऊआ सभे के एकठो नया पहाडा बतावतानी। कृप्या ध्यान देम जा। कौनो गलती आ चाहे जियरा के दुखावे वाला कौनो बात खातिर एगो लइका जान के क्षमा देबे के कृपा करेम जा।
नेता के पहाडा
नेता के नेता,
नेता दूना भाषण,
नेता तिरी अनशन,
मेता चौका प्रदर्शन,
नेता पचे घुस-घास,
नेता छक देश के नाश,
नेता साते करे ढिंठाई,
नेता आठे होखे पिठाई,
नेता नवां नवके बने सबसे अनइस,
नेता दहां चारसो बीस।

टिप्पणियाँ

बेनामी ने कहा…
ye kavita to mene bhut pahale likhi thi. or upar ki char laine to vahi hai. ise aapne kaha se likhi hai.
36solutions ने कहा…
बढिया प्रयास है आपका, धन्यवाद । स्थानीय बोलियों व भाषाओं को नेट में भी प्रचुर स्थान मिले, स्वागत है ।
शुरूआती दिनों में वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें इससे टिप्पयणियों की संख्या‍ प्रभावित होती है
(लागईन - डेशबोर्ड - लेआउट - सेटिंग - कमेंट - Show word verification for comments? No)
आरंभ ‘अंतरजाल में छत्तीमसगढ का स्पंhदन’
avinash ने कहा…
yeh kavita bahut purani hai,lekin hamara khushi hoilha ki kam-se-kam bhojpuri ke sthan blog me deve ke koshish ta kar ni hai.

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